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पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा से राहत के लिठà¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल: जोखिम, फायदे और साइड इफेकà¥à¤Ÿ
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल कà¥à¤¯à¤¾ है?
कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेने से डिलीवरी के समय दरà¥à¤¦ नहीं होगा?
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के किस चरण में मà¥à¤à¥‡ à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेना चाहिà¤?
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल इंजेकà¥à¤¶à¤¨ किस तरह दिया जाता है?
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेने के कà¥à¤¯à¤¾ फायदे हैं?
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेने के कà¥à¤¯à¤¾ नà¥à¤•सान और साइड इफेकà¥à¤Ÿ हैं?
कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल की वजह से डिलीवरी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ धीमी पड़ जाती है?
कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल का असर मेरे नवजात शिशॠपर पड़ेगा?
कà¥à¤¯à¤¾ सà¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ डिलीवरी के समय à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल ले सकती हैं?
अगर मेरी पीठपर टैटू है, तो कà¥à¤¯à¤¾ मैं à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगवा सकूंगी?
कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल की वजह से मà¥à¤à¥‡ लंबे समय तक पीठदरà¥à¤¦ रहेगा?
हमारी पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤°à¥€ में हिसà¥à¤¸à¤¾ लें
कà¥à¤¯à¤¾ आप पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा को लेकर चिंतित हैं?
शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तकनीक आजमाती महिला अपने पति के साथदरà¥à¤¦ निवारक विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ के बारे में जानिठ!
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल आमतौर पर पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ और दीरà¥à¤˜à¤•ालीन दरà¥à¤¦ निवारक के तौर पर दिया जाता है। इसमें दरà¥à¤¦ निवारक दवाओं को लगातार à¤à¤• पतली नलिका के जरिये आपकी रीढ़ में दिया जाता है। इससे शरीर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ महसूस नहीं होता और आप पूरी तरह होश में होती हैं।
समय-समय पर आपके रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª (बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°) की जांच की जाà¤à¤—ी और गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠपर लगातार निगरानी रखी जाà¤à¤—ी। à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल की वजह से पà¥à¤°à¤¸à¤µ का जोर लगाने वाला चरण लंबा चल सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शरीर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में अनà¥à¤à¥‚ति न होने की वजह से जोर लगाना और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है।
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल कà¥à¤¯à¤¾ है?
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल दरà¥à¤¦ से राहत पाने का à¤à¤• तरीका है और इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² अधिकांशत: महिलाओं के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान किया जाता है।
यह शरीर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ मे लगातार दरà¥à¤¦ निवारक पहà¥à¤‚चाता है, जबकि आपका आप अपने पूरे होश में होती है। यह रीजनल या लोकल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ होता है, इसलिठआपका पूरा शरीर इससे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं होता। आपके शरीर का निचला हिसà¥à¤¸à¤¾ सà¥à¤¨à¥à¤¨ हो जाता है, जबकि आप सचेत रहती हैं। यह अनà¥à¤à¥‚ति को कम कर देता है, मगर à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कि आपको पूरी तरह कà¥à¤› à¤à¥€ अहसास नहीं होगा।
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल के जरिये जो दवाà¤à¤‚ दी जाती हैं, वो आमतौर पर निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित का मिशà¥à¤°à¤£ होती हैं:
लोकल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ (यह दरà¥à¤¦, सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶, हलचल और तापमान की अनà¥à¤à¥‚ति को रोक देता है), और
ओपिओइड दरà¥à¤¦ निवारक (यह दरà¥à¤¦ को कम कर देता है, मगर आप अपनी टांगों को हिला-डà¥à¤²à¤¾ सकती हैं)।
à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ की डॉकà¥à¤Ÿà¤° (à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ) à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लगाती हैं। अधिकांश असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² कम खà¥à¤°à¤¾à¤• वाला à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल देते हैं। इससे आपको टांगो और पैरों में कà¥à¤› अनà¥à¤à¥‚ति बनी रहनी चाहिà¤à¥¤ कम खà¥à¤°à¤¾à¤• वाले à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेने से आपकी टांगो में इतनी ताकत रहनी चाहिठकि आप बिसà¥à¤¤à¤° में हिल-डà¥à¤² सके और अपनी अवसà¥à¤¥à¤¾ बदल सकें।
अपनी बैठी या लेटी हà¥à¤ˆ अवसà¥à¤¥à¤¾ को बदलते रहना अचà¥à¤›à¤¾ रहता है। इससे शरीर के सà¥à¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤ हिसà¥à¤¸à¥‡ पर दबाव पड़ने की वजह से दरà¥à¤¦ नहीं होगा।
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेने के बाद आप बिसà¥à¤¤à¤° से उठकर खड़ा होना या चलना अतिरिकà¥à¤¤ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤« की मदद से ही कर पाà¤à¤‚गी। इसे अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में वॉकिंग या à¤à¤®à¥à¤¬à¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल कहा जाता है।
कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेने से डिलीवरी के समय दरà¥à¤¦ नहीं होगा?
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल सबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ दरà¥à¤¦ निवारक विकलà¥à¤ª है और डिलीवरी के समय महिलाओं को कम दरà¥à¤¦ का अहसास हो इसलिठदà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। मगर à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल देने से दरà¥à¤¦à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¸à¤µ (पेनलेस डिलीवरी) होने की बात थोड़ी à¤à¥à¤°à¤¾à¤®à¤• है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेने के बाद à¤à¥€ आपकी डिलीवरी पूरी तरह से दरà¥à¤¦à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ नहीं होती।
आमतौर पर à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल पà¥à¤°à¤¸à¤µ शà¥à¤°à¥ होने के बाद दिया जाता है, इसलिठआपको शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ संकà¥à¤šà¤¨ तो महसूस होंगे ही। à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल का असर दिखने में करीब 40 मिनट का समय लगता है, तो इस दौरान à¤à¥€ आपको संकà¥à¤šà¤¨ महसूस होंगे। इसके अलावा, à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लगाने में à¤à¥€ दरà¥à¤¦ और असहजता हो सकती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह इंजेकà¥à¤¶à¤¨ आपकी रीढ़ में लगाया जाता है। और अलग à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल उचित ढंग से काम न कर रहा हो और केवल आपके शरीर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ के कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¥‡ को ही सà¥à¤¨à¥à¤¨ करे तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° को यह इंजेकà¥à¤¶à¤¨ दोबारा लगाना पड़ सकता है।
इसलिà¤, à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल डिलीवरी के दौरान दरà¥à¤¦ कम करने में अवशà¥à¤¯ मदद करता है, मगर à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कि आपकी डिलीवरी पूरी तरह दरà¥à¤¦ रहित रहेगी।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के किस चरण में मà¥à¤à¥‡ à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेना चाहिà¤?
आमतौर पर आप पà¥à¤°à¤¸à¤µ के किसी à¤à¥€ चरण में à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल ले सकती हैं। मगर अधिकांश महिलाà¤à¤‚ इसे तब लेती हैं जब उनके संकà¥à¤šà¤¨ पà¥à¤°à¤¬à¤² होने लगते हैं, अकà¥à¤¸à¤° तब जब गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ करीब 5 सें.मी. (2 इंच) या 6 सें. मी. (2.4 इंच) विसà¥à¤«à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ हो चà¥à¤•ी होती है। यह माना जाता है कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ का सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ चरण शà¥à¤°à¥ होने से पहले यदि à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल दिया जाठतो इससे सकà¥à¤‚चनों पर असर पड़ सकता है और अधिकांश डॉकà¥à¤Ÿà¤° आमतौर पर गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के 4 सें.मी. (1.5 इंच) तक विसà¥à¤«à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होने के बाद ही à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल देना चाहती हैं।
जब आप पà¥à¤°à¤¸à¤µ के जोर लगाने वाले चरण में पहà¥à¤‚च गई हों तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° पà¥à¤°à¤¸à¤µ में इतना आगे आने के बाद शायद à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल न लेने की सलाह दे सकती हैं। मगर यह इस बात पर निरà¥à¤à¤° करेगा कि आपका पà¥à¤°à¤¸à¤µ किस तरह आगे बढ़ रहा है।
यदि सिंटोसिनॉन डà¥à¤°à¤¿à¤ª के जरिये आपके पà¥à¤°à¤¸à¤µ में तेजी लानी हो, तो à¤à¥€ आपको à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल दिया जा सकता है। सिंटोसिनॉन, आॅकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‰à¤¸à¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ का कृतà¥à¤°à¤¿à¤® रूप है, जो आपकी गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ को विसà¥à¤«à¤¾à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करता है और संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ को अधिक पà¥à¤°à¤¬à¤² और पीड़ादायी बनाता है। सिंटोसिनॉन की वजह से आपको अतिरिकà¥à¤¤ दरà¥à¤¦ निवारक की जरà¥à¤°à¤¤ हो सकती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ को सहन कर पाना और मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है।
जब à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल दे दिया जाता है तो शिशॠके जनà¥à¤® के बाद और अपरा की डिलीवरी के बाद à¤à¥€ इसका असर आपके शरीर में बना रह सकता है।
यदि à¤à¤—छेदन (à¤à¤ªà¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€) की वजह से आपको टांके लगवाने की जरà¥à¤°à¤¤ हो तो à¤à¥€ à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल दरà¥à¤¦ निवारक के तौर पर काम कर सकता है।
यदि दà¥à¤°à¥à¤²à¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपकी अपरा का कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में रह जाठऔर डॉकà¥à¤Ÿà¤° को इसे हाथ से निकालना हो तो à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल उस समय à¤à¥€ काम आ सकता है।
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल इंजेकà¥à¤¶à¤¨ किस तरह दिया जाता है?
à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° इंजेकà¥à¤¶à¤¨ के जरिये दवा को उन नसों के आसपास डालती हैं जो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ और गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ से दरà¥à¤¦ के संकेत मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• तक पहà¥à¤‚चाती हैं।
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल दिठजाने की पूरी पà¥à¤°à¤•िया यहां कà¥à¤°à¤®à¤µà¤¾à¤° तरीके से दी गई है:
इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगाने की तैयारी
आईवी डà¥à¤°à¤¿à¤ª को आपकी बाजू मे लगाया जाता है, ताकि à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेते समय आपको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ मिलते रहें। आपको घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ मोड़कर करवट लेकर लेटने के लिठकहा जाà¤à¤—ा या पलंग के किनारे पर बैठकर आगे की ओर à¤à¥à¤•ने के लिठकहा जाà¤à¤—ा। à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ वाली डॉकà¥à¤Ÿà¤° इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगाने वाली जगह को साफ करेंगी, फिर इसे सà¥à¤¨à¥à¤¨ करने के बाद सावधानीपूरà¥à¤µà¤• सà¥à¤ˆ को आपकी पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में लगाया जाता है। पढ़ने व सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ में यह काफी दरà¥à¤¦à¤à¤°à¤¾ लग सकता है, मगर अधिकांश महिलाओं को इसमें जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दरà¥à¤¦ नहीं होता। यह जरà¥à¤°à¥€ है कि आप à¤à¤•दम सà¥à¤¥à¤¿à¤° रहें और यदि आपको संकà¥à¤šà¤¨ हो रहे हों तो इसके बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बता दें।
कैथेटर लगाना
इसके बाद à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤• पतली टà¥à¤¯à¥‚ब (à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल कैथेटर) इस सà¥à¤ˆ के जरिये अंदर घà¥à¤¸à¤¾à¤ˆ जाती है। जब कैथेटर सही जगह लग जाता है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤ˆ को निकाल लेते हैं। टà¥à¤¯à¥‚ब के दूसरे छोर को आपकी पीठपर टेप से चिपका दिया जाता है और आपके कंधे के ऊपर डाल दिया जाता है, ताकि यह हिले-डà¥à¤²à¥‡ या रासà¥à¤¤à¥‡ में अड़े नहीं। इस चरण पर आप कैथेटर को हिलाà¤-डà¥à¤²à¤¾à¤ बिना लेट सकती हैं और जरà¥à¤°à¤¤ होने पर इसके जरिये दवा अंदर डाली जा सकती है।
परीकà¥à¤·à¤£ के लिठखà¥à¤°à¤¾à¤•, पूरी खà¥à¤°à¤¾à¤• और निगरानी
पहले आपको जांच करने के लिठदवा की थोड़ी सी खà¥à¤°à¤¾à¤• दी जाà¤à¤—ी, ताकि सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हो सके कि à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल सही जगह लगा है। यदि कोई समसà¥à¤¯à¤¾ न लगे, तो फिर पूरी खà¥à¤°à¤¾à¤• दी जाती है। गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠके दिल की धड़कन पर लगातार नजर रखी जाà¤à¤—ी। à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल देने के बाद कà¥à¤› समय तक करीब हर पांच मिनट में आपके बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की जांच की जाà¤à¤—ी ताकि पता चल सके कि इसकी वजह से इसमें कोई विशेष बदलाव तो नहीं आ रहा है।
दवा का असर
दवा की पहली खà¥à¤°à¤¾à¤• लेने के 10 से 20 मिनट बाद आपको सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ का अहसास होना शà¥à¤°à¥ होगा, हालांकि आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की नसें तो कà¥à¤› ही मिनटों में सà¥à¤¨à¥à¤¨ होने लगेंगी। पूरे पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान आपको कैथेटर के जरिये लगातार खà¥à¤°à¤¾à¤• दी जाती रहेगी
शिशॠके जनà¥à¤® के बाद
कैथेटर को हटा दिया जाà¤à¤—ा। यदि आपकी सिजेरियन डिलीवरी हà¥à¤ˆ है, तो कई बार कैथेटर को लगा छोड़ दिया जाता है, ताकि आॅपरेशन के बाद à¤à¥€ दरà¥à¤¦ निवारक दवा दी जा सके। कैथेटर हटाठजाने पर आपको दरà¥à¤¦ नहीं होगा, इसमें केवल तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगी टेप हटाने जितना दरà¥à¤¦ होगा।
आपके असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में कà¥à¤¯à¤¾ विकलà¥à¤ª उपलबà¥à¤§ हैं और आप पà¥à¤°à¤¸à¤µ के किस चरण में हैं, इसके आधार पर à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल दरà¥à¤¦ निवारक निमà¥à¤¨ तरीके से दी जा सकती है:
टॉप-अप के साथ इंजेकà¥à¤¶à¤¨
à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ दरà¥à¤¦ निवारक दवाओं का मिशà¥à¤°à¤£ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ के जरिये कैथेटर में डालेंगी, ताकि आपके पेट का निचला हिसà¥à¤¸à¤¾ सà¥à¤¨à¥à¤¨ किया जा सके। à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल को लगाने में करीब 10 से 20 मिनट का समय लगता है और इसका असर आने में और 15 से 20 मिनट लगते हैं। हालांकि, अगर à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल को वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ करना हो तो इसमें 40 मिनट तक का समय लग सकता है। इसके बाद आपको संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ का दरà¥à¤¦ महसूस नहीं होगा।
जब दवाओं का असर कम होने लगे, तो आपकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° और अधिक à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• दवाà¤à¤‚ देंगी, जिनका असर à¤à¤• से दो घंटों के बीच रहता है।
लगातार डालते रहना (कंटीनà¥à¤¯à¥‚अस इनफà¥à¤¯à¥‚जन)
जब à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल कैथेटर को लगाà¤à¤‚गी, तो वे कैथेटर के दूसरे छोर पर à¤à¤• पंप जोड़ देंगी। इससे लगातार दरà¥à¤¦à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤°à¤• दवाà¤à¤‚ आपकी पीठमें जाती रहेंगी।
अगर जरà¥à¤°à¤¤ हो, तो आपको सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• की और पà¥à¤°à¤¬à¤² खà¥à¤°à¤¾à¤• दी जा सकती है। कई बार पंप आपके नियंतà¥à¤°à¤£ में होता है। इसे अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में पेशेंट कंटà¥à¤°à¥‹à¤²à¥à¤¡ à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल à¤à¤¨à¤²à¤œà¥‡à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ कहा जाता है, मगर यह केवल कà¥à¤› असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ में ही उपलबà¥à¤§ है।
संयà¥à¤•à¥à¤¤ सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल (सीà¤à¤¸à¤ˆ)
इस इंजेकà¥à¤¶à¤¨ में कम मातà¥à¤°à¤¾ वाली दरà¥à¤¦ निवारक दवा (मिनि सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤²) होती है और यह केवल à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जलà¥à¤¦à¥€ असर दिखाती है।
à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ मिनि-सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² इंजेकà¥à¤¶à¤¨ को सीधे आपकी रीढ़ के आसपास मौजूद तरल में लगाती हैं, जो कि à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल सà¥à¤ªà¥‡à¤¸ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में पीठमें जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गहराई मे जोता है। वहीं, दूसरी तरफ वे à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल सà¥à¤ªà¥‡à¤¸ में à¤à¤• नलिका (à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल कैथेटर) डालेंगी, जिसका बाद में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सके।
जब आप मिनी सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² इंजेकà¥à¤¶à¤¨ का असर कम होने लगता है, तो à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ नलिका के जरिये à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल सोलà¥à¤¯à¥‚शन देंगी, ताकि आपको लगातार दरà¥à¤¦ से राहत मिलती रहे। इसके बाद वे दरà¥à¤¦ निवारक दवा असर कर रही है या नहीं। इसके लिठवे आपके पेट और टांगो पर ठंडा सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡ या आइस कà¥à¤¯à¥‚ब लगाकर देखेंगी कि कà¥à¤¯à¤¾ आप यह महसूस कर पा रही हैं। यदि आपको सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡ की ठंडक महसूस हो रही है, तो à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल को वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ करेंगी या दोबारा लगाà¤à¤‚गी।
जब à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लगाया जा रहा हो, तो निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित बातों का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें:
अपनी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करें, ताकि जब à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल दिया जाठतो आपको सà¥à¤¥à¤¿à¤° रहने में मदद मिल सके।
अपनी नाक से अंदर गहरी सांस लें और मà¥à¤‚ह से धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें।
यदि आपके साथ आपके लेबर पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° हों, तो आप उनका हाथ पकड़े रहें और उनके साथ नजरों से नजरें मिलाठरखें।
यदि आपको टांगो में बहà¥à¤¤ तेज दरà¥à¤¦ या चà¥à¤à¤¨ हो तो तà¥à¤°à¤‚त इस बारे में à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ को बताà¤à¤‚, मगर कोशिश करें कि आप सà¥à¤¥à¤¿à¤° रहें। यह दरà¥à¤¦ या चà¥à¤à¤¨ इस बात का संकेत हो सकता है कि à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल सà¥à¤ˆ या कैथेटर किसी नस के संपरà¥à¤• में आ गई है और à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ को सà¥à¤ˆ को दोबारा लगाना होगा। यदि कोई नस कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो à¤à¥€ जाती है, तो à¤à¥€ यह कà¥à¤·à¤¤à¤¿ आमतौर पर असà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ होती है और कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में अपने आप ठीक हो जाती है। अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि इसमें सà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ कà¥à¤·à¤¤à¤¿ होना काफी दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है।
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लगाने के दौरान जब à¤à¥€ आपको संकà¥à¤šà¤¨ महसूस हों तो हमेशा à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ को बताà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब दरà¥à¤¦ हो तो सà¥à¤¥à¤¿à¤° रहना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है।
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेने के कà¥à¤¯à¤¾ फायदे हैं?
यह पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान दरà¥à¤¦ से राहत का सबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ तरीका है। यह आमतौर पर पूरी तरह दरà¥à¤¦ से राहत देता है।
इसका आपके गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠपर कोई पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं होता।
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल सही जगह लग जाने के बाद अनà¥à¤à¤µà¥€ नरà¥à¤¸ या डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आमतौर पर टॉप-अप दिया जा सकता है। इसका मतलब है कि à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ का इंतजार करने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं होती।
दवा केवल के विशेष कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पर असर करती है, इसलिठआप पà¥à¤°à¤¸à¤µ और डिलीवरी के दौरान जगी रहेंगी और सचेत होंगी। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आपको दरà¥à¤¦ नहीं हो रहा होगा, इसलिठजब गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ विसà¥à¤«à¤¾à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ हो रही हो तो आप आराम कर सकती हैं, और यहां तक कि सो à¤à¥€ सकती हैं। इस तरह आप पà¥à¤°à¤¸à¤µ के जोर लगाने वाले चरण के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ बचाकर रख सकती हैं।
आप सारी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ समठपा रही होंगी, और पà¥à¤°à¤¸à¤µ और डिलीवरी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को अनà¥à¤à¤µ कर पा रही होंगी। हालांकि, आपको अब à¤à¥€ अपने संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ का पता चल रहा होगा।
यदि आपको आपातकालीन सिजेरियन ऑपरेशन की जरà¥à¤°à¤¤ हो, तो इसे अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ लोकल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• के साथ टॉप-अप किया जा सकता है। हालांकि, à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेने से आपकी सिजेरियन डिलीवरी होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ नहीं बढ़ती है।
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेने के कà¥à¤¯à¤¾ नà¥à¤•सान और साइड इफेकà¥à¤Ÿ हैं?
हो सकता है कà¥à¤› महिलाओं में à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल इतना पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ न रहे। à¤à¤¸à¥‡ मामलों में आपको अतिरकà¥à¤¤ दरà¥à¤¦ निवारक दवाओं की जरà¥à¤°à¤¤ होगी। यदि à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल शà¥à¤°à¥ होने के आधे घंटे के अंदर आपको दरà¥à¤¦ महसूस होना बंद नहीं हà¥à¤† है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚। à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ आकर दोबारा पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर सकती हैं।
हालांकि, à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल काम शà¥à¤°à¥ करने पर दरà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ राहत पहà¥à¤‚चाता है, मगर इसे पूरी तरह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ में आने में 40 मिनट तक का समय लग सकता है। यह अनà¥à¤¯ तरह के अधिकांश दरà¥à¤¦ निवारकों मे से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय है।
आपको कंपकंपी महसूस हो सकती है या बà¥à¤–ार à¤à¥€ हो सकता है। यदि बà¥à¤–ार की वजह से आपका शिशॠसंकट में आ रहा हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको शरीर का तापमान नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठथोड़ी पैरासिटामोल दे सकती हैं।
आपको थोड़ी खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ à¤à¥€ महसूस हो सकती है, विशेषतौर यदि आपको संयà¥à¤•à¥à¤¤ सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल दिया गया हो तो।
कà¥à¤› महिलाओं को उनींदापन या सांस धीमी होना महसूस हो सकता है।
आपको बिसà¥à¤¤à¤° में ही रहना होगा कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आपकी टांगों में शायद कमजोरी या à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ रहेगा। चाहे आप बिसà¥à¤¤à¤° पर हिल-डà¥à¤² पा रही हों, मगर आप चल-फिर नहीं सकेंगी। कà¥à¤›à¥‡à¤• असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ में ही मोबाइल (वॉकिंग सर à¤à¤®à¥à¤¬à¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€) à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ होती है।
यह आपकी मूतà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤— की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है, इसलिठशिशॠके जनà¥à¤® के बाद आपको मूतà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤— के लिठकैथेटर लगाया जा सकता है। जब आपका मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पूरी तरह खाली हो जाà¤à¤—ा, तो फिर इसे लगाठरखने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं होगी। मगर यदि आपका पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक या सिजेरियन पà¥à¤°à¤¸à¤µ बहà¥à¤¤ मà¥à¤¶à¥à¤•िलों से हà¥à¤† है, तो आपको यह कैथेटर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लंबे समय तक लगाठरखना पड़ सकता है।
आपको डà¥à¤°à¤¿à¤ª लगाने और अधिक निगरानी की जरà¥à¤°à¤¤ होगी। आपके शिशॠकी दिल की धड़कन पर à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल शà¥à¤°à¥ होने के बाद 30 मिनट तक लगातार नजर रखी जाà¤à¤—ी। इसके बाद हर अतिरिकà¥à¤¤ खà¥à¤°à¤¾à¤• देने के बाद à¤à¥€ शिशॠकी धड़कन पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जाà¤à¤—ा। à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल शà¥à¤°à¥ होने के बाद करीब 15 मिनट तक हर पांच मिनट में आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° मापा जाà¤à¤—ा। हर अतिरिकà¥à¤¤ खà¥à¤°à¤¾à¤• देने के बाद à¤à¥€ आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° इसी तरह लिया जाà¤à¤—ा। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल की वजह से आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° घट सकता है।
आपको पà¥à¤°à¤¸à¤µ में तेजी लाने के लिठसिंटोसिनॉन डà¥à¤°à¤¿à¤ª की जरà¥à¤°à¤¤ पड़ने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहती है। हालांकि, आपकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° यह निरà¥à¤£à¤¯ लेंगी कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ में तेजी के लिठदवा देने से पहले कà¥à¤¯à¤¾ वो पà¥à¤°à¤¸à¤µ को à¤à¤¸à¥‡ ही धीरे-धीरे लंबे समय तक बढ़ने देंगी।
आपको बहà¥à¤¤ तेज सिरदरà¥à¤¦ होने और हलà¥à¤•ी संवेदनशीलता होने का à¤à¥€ थोड़ा-बहà¥à¤¤ जोखिम रहता है। à¤à¤¸à¤¾ उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में संà¤à¤µ है जब à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल की सà¥à¤ˆ मेरà¥à¤¦à¤‚ड (सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡) के चारों तरफ मौजूद तरल की थैली को पंकà¥à¤šà¤° कर दे, जिससे की रिसाव होने लगे। à¤à¤¸à¤¾ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेने वाली 100 में से करीब à¤à¤• को होती है और कà¥à¤› महिलाओ को बहà¥à¤¤ तेज सिरदरà¥à¤¦ होता है। आमतौर पर इसका उपचार आपकी बाजू से थोड़ा सा खून लेकर आपकी पीठमें इंजेकà¥à¤¶à¤¨ के जरिये दिया जाता है, ताकि सà¥à¤ˆ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया गया छिदà¥à¤° बंद हो सके (à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल बà¥à¤²à¤¡ पैच)। यह सूकà¥à¤·à¥à¤® पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शिशॠके जनà¥à¤® के बाद की जाती है।
नस के कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होने का à¤à¥€ थोड़ा-बहà¥à¤¤ खतरा रहता है। इससे आपकी टांग या पैर में कोई जगह सà¥à¤¨à¥à¤¨ हो सकती है या फिर टांग कमजोर हो सकती है। हालांकि, à¤à¤¸à¤¾ होना असà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ तौर पर होना à¤à¥€ बहà¥à¤¤ ही दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है। सà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ नà¥à¤•सान होना तो और à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है।
जहां à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लगाया जाता है, उस जगह थोड़ा दरà¥à¤¦ व संवेदनशीलता महसूस हो सकती है, मगर आमतौर पर जलà¥à¤¦ के कà¥à¤› दिनों बाद यह ठीक हो जाता है।
कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल की वजह से डिलीवरी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ धीमी पड़ जाती है?
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेने पर अकà¥à¤¸à¤° पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दूसरे चरण (जोर लगाने वाले) की गति थोड़ी धीमी हो जाती है। आपको गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पूरी तरह विसà¥à¤«à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होने के बाद à¤à¥€ शायद जोर लगाने की इचà¥à¤›à¤¾ महसूस नहीं होगी। शरीर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में संवेदना न होने की वजह से आपको सà¥à¤µà¤¤: जोर लगाने की इचà¥à¤›à¤¾ महूसस नहीं होगी, जिससे शिशॠको जोर लगाकर बाहर की निकालने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल होगी।
यदि आपको जोर लगाने की इचà¥à¤›à¤¾ महसूस न हो और यदि अà¤à¥€ तक शिशॠका सिर बाहर आने के संकेत न हों, तो आपको कम से कम à¤à¤• घंटे तक या फिर जब तक जोर लगाने की इचà¥à¤›à¤¾ महसूस न हो तब तक इंतजार करने के लिठकहा जाना चाहिà¤à¥¤
पहले, à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेने से शिशॠका जनà¥à¤® उपकरणों की सहायता (फोरसेपà¥à¤¸ या वैकà¥à¤¯à¥‚म डिलीवरी) से होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती थी। हालांकि, आधà¥à¤¨à¤¿à¤• कम खà¥à¤°à¤¾à¤• वाले à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल और तकनीकां की वजह से अब à¤à¤¸à¤¾ नहीं है।
कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल का असर मेरे नवजात शिशॠपर पड़ेगा?
सामानà¥à¤¯à¤¤: à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल का असर आपके शिशॠपर होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बहà¥à¤¤ ही कम होती है। हालांकि, à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेने से आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° घटने की आशंका रहती है, जिसकी वजह से शिशॠतक आपके रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकता है। यदि à¤à¤¸à¤¾ हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको दिठजा रहे तरल की मातà¥à¤°à¤¾ को बढ़ा देंगी और आपको अवसà¥à¤¥à¤¾ बदलने में मदद करेंगी। इससे आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° सामानà¥à¤¯ होने में मदद मिलेगी।
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल देना शà¥à¤°à¥ करने से पहले à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¤• छोटी टà¥à¤¯à¥‚ब आपके हाथ या बाजू में डालेंगी। यह इसलिठताकि बाद में आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कम हो तो इसके जरिये तरल और दवाà¤à¤‚ दी जा सकें।
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल की ओपाइड दवा से नवजात शिशॠपर कोई असर होने की शायद कोई संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ नहीं होती। इसकी मानक खà¥à¤°à¤¾à¤• करीब 20 à¤à¤®à¤¸à¥€à¤œà¥€ है, जो काफी कम है और इससे शिशॠको उनींदापन नहीं आ सकता।
हालांकि, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ वाली खà¥à¤°à¤¾à¤• (100 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾) से आपकी शिशॠकी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकती है या वह उनींदा सा हो सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ सà¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ डिलीवरी के समय à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल ले सकती हैं?
नहीं, कà¥à¤› विशेष सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की वजह से कà¥à¤› गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठयह दरà¥à¤¦ निवारक नहीं दिया जा सकता। निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आपको à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल नहीं दिया जाà¤à¤—ा:
आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° असामानà¥à¤¯ ढंग से कम है (रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ या अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ की वजह से)
आपको रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ संबंधी विकार है।
आपको रकà¥à¤¤ संकà¥à¤°à¤®à¤£ है।
पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में जहां सà¥à¤ˆ घà¥à¤¸à¤¾à¤ˆ जाà¤à¤—ी वहां आपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है।
आपको पहले लोकल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो चà¥à¤•ी है।
यदि आप खून पतला करने की दवा ले रही हैं, तो शायद आपको à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल दिया जा सकता है, मगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° को इस पर विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना होगा।
यदि आपके मन में सवाल या चिंता हो कि à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है या नहीं, तो इस बारे में पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ अपà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚टमेंट के दौरान अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
अगर मेरी पीठपर टैटू है, तो कà¥à¤¯à¤¾ मैं à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगवा सकूंगी?
यदि आपकी पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ पर टैटू बना हो तो à¤à¥€ अधिकांश à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ आपको à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लगा देंगे। मगर यदि आपने टैटू हाल ही में बनवाया हो और यह अà¤à¥€ à¤à¥€ ताजा हो या इसमें इनफेकà¥à¤¶à¤¨ के संकेत दिख रहे हों तो शायद à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ आपको à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल नहीं लगाà¤à¤‚गी।
टैटू के पास à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लगाने या न लगाने को लेकर सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¾à¤®à¤£ नहीं हैं। मगर à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ आमतौर पर टैटू में से सà¥à¤ˆ घà¥à¤¸à¤¾à¤¨à¥‡ से बचते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि टैटू की सà¥à¤¯à¤¾à¤¹à¥€ नà¥à¤¯à¥‚रोटॉकà¥à¤¸à¤¿à¤• हो सकती है। यदि संà¤à¤µ हà¥à¤† तो वे शायद टैटू डिजाइन से थोड़ी दूर सà¥à¤ˆ लगाने की कोशिश करेंगी। या फिर वे सà¥à¤ˆ घà¥à¤¸à¤¾à¤¨à¥‡ से पहले तà¥à¤µà¤šà¤¾ को थोड़ा खà¥à¤°à¤š देंगी ताकि सà¥à¤ˆ के अदंर टैटू की सà¥à¤¯à¤¾à¤¹à¥€ लगने या गहराई वाले उतà¥à¤¤à¤•ों में रंगत पहà¥à¤‚चने का खतरा कम हो सके।
यदि आपने पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में टैटू बनवाया हà¥à¤† है और आप डिलीवरी के दौरान दरà¥à¤¦ निवारण के लिठà¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल लेना चाहती हैं, तो पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात कर लें। साथ ही à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ होने से पहले असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² की नीतियों के बारे में पता कर लें।
कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल की वजह से मà¥à¤à¥‡ लंबे समय तक पीठदरà¥à¤¦ रहेगा?
संà¤à¤µ है कि डिलीवरी के बाद जब à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ कम होगा तो आपको सà¥à¤ˆ लगने वाली जगह पर दरà¥à¤¦ महसूस हो। यदि डॉकà¥à¤Ÿà¤° को सही जगह ढूंढ़ने या फिर à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ ढंग से काम करने के लिठकई बार सà¥à¤ˆ अंदर घà¥à¤¸à¤¾à¤¨à¥€ पड़ी हो, तो यह दरà¥à¤¦ और à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकता है।
बहरहाल, अधिकांश विशेषजà¥à¤ž मानते हैं कि à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल की वजह से पीठदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ दीरà¥à¤˜à¤•ाल तक नहीं बनी रहती। यदि डिलीवरी के बाद आपकी पीठमें दरà¥à¤¦ है, तो आमतौर पर यह किसी और कारण की वजह से होता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जिन शारीरिक बदलावों की वजह से पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ रहता था, उनकी वजह से पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद à¤à¥€ दरà¥à¤¦ रह सकता है।
यदि आपका पà¥à¤°à¤¸à¤µ लंबा या मà¥à¤¶à¥à¤•िल à¤à¤°à¤¾ रहा तो, इसकी वजह से à¤à¥€ आपको पीठदरà¥à¤¦ हो सकता है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान आपने शायद उन मांसपेशियों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया था, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सामानà¥à¤¯à¤¤: आप इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² नहीं करती। इसका असर आपको कà¥à¤› समय बाद महसूस होता हे।
साथ ही, बहà¥à¤¤ सी नई माà¤à¤à¤‚ शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाते समय सही अवसà¥à¤¥à¤¾ न अपनाने की वजह से à¤à¥€ अपनी पीठदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ को और बढ़ा लेती हैं। उदाहरण के तौर पर जब आप शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना सीख रही होती हैं, तो आपका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ सà¥à¤¤à¤¨ को सही ढंग से शिशॠके मà¥à¤‚ह में देने पर रहता है और à¤à¤¸à¥‡ में आप आगे की तरफ à¤à¥à¤•ने लगती हैं। शिशॠको देखने के लिठनीचे की तरफ à¤à¥à¤•ने से आपकी गरà¥à¤¦à¤¨ और पीठकी ऊपर की मांसपेशियों में तनाव होता है। यहां जानें की सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने की बेहतरीन मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾ हैं, जिनसे पीठमें दरà¥à¤¦ नहीं होता।
नवजात शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² में लगे रहने से होने वाली थकान और तनाव की वजह से आपके लिठपीठदरà¥à¤¦ समेत पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दरà¥à¤¦ और पीड़ा से उबर पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है।
पीठदरà¥à¤¦ आमतौर पर डिलीवरी के कà¥à¤› महीनों बाद अपने आप ठीक होने लगता है, हालांकि कà¥à¤› महिलाओं में यह दरà¥à¤¦ थोड़ा और लंबा चलता है। ये दरà¥à¤¦ अचानक से खतà¥à¤® नहीं होता।
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° मालिश से आपको पीठदरà¥à¤¦ में आराम मिल सकता है। साथ ही हलà¥à¤•े पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® à¤à¥€ आपको पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पीठकी मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।
पीठदरà¥à¤¦ को कम करने के लिठपà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के हमारे वीडियो यहां देखें।
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